'सबका साथ, सबका विकास का सामर्थ्य, मैंने गुजरात से सीखा, सूरत में होस्टेल फेज-1 के से उद्घाटन समारोह में बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने सौराष्ट्र पटेल सेवा
समाज के जरिए बनाए गए होस्टेल फेज-1 (कुमार छात्रावास)
के भूमिपूजन का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा उद्घाटन किया.
साल 2024 तक दोनों फेज के काम को पूरा कर लिया
जाएगा.
पीएम मोदी ने कहा कि इन प्रयासों के द्वारा कई युवाओं को
अपने सपने साकार करने का अवसर मिलेगा. मैं सौराष्ट्र पटेल
सेवा समाज को बधाई देता हूं.
इस दौरान पीएम मोदी ने ये भी कहा कि भारत इस समय
अपनी आज़ादी के 75वें वर्ष में है. ये अमृतकाल हमें नए
संकल्पों के साथ ही, उन व्यक्तियों को याद करने की भी प्रेरणा
देता है, जिन्होंने जनचेतना जागृत करने में बड़ी भूमिका
निभाई. आज की पीढ़ी को उन व्यक्तियों के बारे में जानना
बहुत ही आवश्यक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले सरदार
साहब ने कहा भी था. 'जाति और पंथ को हमें रुकावट नहीं
बनने देना है. हम सभी भारत के बेटे और बेटियां हैं.
गांव के विकास से जुड़े कामों में तेजी
इस स्थान को इसलिए विकसित किया गया था ताकि शिक्षा
का प्रसार किया जा सके, गांव के विकास से जुड़े कामों में तेजी
लाई जा सके. जो लोग गुजरात के बारे में कम जानते हैं, उन्हें
मैं आज वल्लभ विद्यानगर के बारे में भी बताना चाहता हूं.
आप में से काफी लोगों को पता होगा, ये स्थान, करमसद
बाकरोल और आनंद के बीच में पड़ता है. इस स्थान को
इसलिए विकसित किया गया था ताकि शिक्षा का प्रसार किया
जा ,
गांव के विकास से जुड़े कामों में तेजी लाई जा सके.
ये मैंने गुजरात से सीखा
सबका साथ, सबका विकास का सामर्थ्य क्या होता है ये भी
मैंने गुजरात से ही सीखा है. एक समय गुजरात में अच्छे स्कूलों
की कमी थी, अच्छी शिक्षा के लिए शिक्षकों की कमी थी.
उमिया माता का आशीर्वाद लेकर, खोड़ल धाम के दर्शन करके
मैंने इस समस्या के समाधान के लिए लोगों को अपने साथ
जोड़ा. पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी के आशीर्वाद से मुझ
जैसे अत्यन्त सामान्य व्यक्ति को जिसका कोई पारिवारिक या
राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं था, जिसके पास जातिवादी
राजनीति का कोई आधार नहीं था, ऐसे मुझ जैसे सामान्य
व्यक्ति को आपने आशीर्वाद देकर गुजरात की सेवा का मौका
2001 में दिया था.
आपके आशीर्वाद की ताकत से सेवा कर रहा
पीएम मोदी ने कहा कि आपके आशीर्वाद की ताकत इतनी
बड़ी है कि आज 20 वर्ष से अधिक समय हो गया, फिर भी
अखंड रूप से पहले गुजरात की और आज देश की सेवा
करने का सौभाग्य मिला है. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में
प्रोफेशनल कोर्सेस की पढ़ाई स्थानीय भाषा में कराए जाने का
विकल्प भी दिया गया है. अब पढ़ाई का मतलब डिग्री तक ही
सीमित नहीं है, बल्कि पढ़ाई को स्किल के साथ जोड़ा जा रहा
है. देश अपने पारंपरिक स्किल्स को भी अब आधुनिक
संभावनाओं से जोड़ रहा है.
भारत को लेकर आशा से भरी हुई है दुनिया
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के कठिन समय के बाद हमारी
अर्थव्यवस्था ने जितनी तेजी से वापसी की है, उससे पूरा विश्व
भारत को लेकर आशा से भरा हुआ है. अभी हाल में एक विश्व
संस्था ने भी कहा है कि भारत फिर दुनिया की सबसे तेजी से
आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. ये हम सभी के
लिए बहुत गौरव की बात है कि भूपेंद पटेल एक ऐसे मुख्यमंत्री
हैं जो टेक्नोलॉजी के भी जानकार हैं और जमीन से भी उतना
ही जुड़े हुए हैं. अलग-अलग स्तर पर काम करने का उनका
अनुभव, गुजरात के विकास में बहुत काम आने वाला है.
हमारी नई पीढ़ी देश और समाज के लिए जीना सीखे, इसकी
प्रेरणा भी आपके प्रयासों का अहम हिस्सा होना चाहिए. सेवा
से सिद्धि के मंत्र पर चलते हुए हम गुजरात और देश को नई
ऊंचाई पर पहुंचाएंगे.
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